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Friday, November 9, 2018

Why is tea a popular beverage and knows the history of tea

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चाय एक लोकप्रिय पेय क्यों है तथा जाने चाय का इतिहास



चाय एक बहुत ही लोकप्रिय पेय है। यह चाय के पौधों की पत्तियों से बनाया जाता है।
भारतीय इतिहास में सबसे पहले सन् 1815 में कुछ अंग्रेज़ यात्रियों का ध्यान असम में उगने वाली चाय की झाड़ियों पर गया जिससे स्थानीय क़बाइली लोग एक पेय बनाकर पीते थे। भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड बैंटिक ने 1834 में चाय की परंपरा भारत में शुरू करने और उसका उत्पादन शुरू करने की संभावना तलाश करने के लिए एक समिति का गठन किया। इसके बाद सन 1835 में असम में चाय उत्पादन के लिये बाग लगाए गए।
कहते हैं कि एक दिन चीन के सम्राट शैन नुंग रखे गर्म पानी के प्याले में, कुछ सूखी पत्तियाँ आकर गिरीं जिनसे पानी में रंग आया और जब उन्होंने उसकी चुस्की लिया तो उन्हें उसका स्वाद काफी पसंद आया। बस यहीं से चाय का सफ़र शुरू होता है । ये बात ईसा से 2737 साल पहले की है।वैसे तो सन् 350 में चाय पीने की परंपरा का पहला उल्लेख मिलता है। सन् 1610 में डच व्यापारी चीन से चाय यूरोप लेकर गए और धीरे-धीरे ये समूची दुनिया का प्रिय पेय पदार्थ बन गया।
वर्ष 2003 तक पूरे विश्व में चाय का उत्पादन 3.15 मिलियन टन वार्षिक था। प्रमुख उत्पादक देशों में भारत , तथा उसके बाद चीन का स्थान था (अब चीन ने भारत से इस क्षेत्र में बाजी मार ली है), अन्य प्रमुख उत्पादक देशों में श्रीलंका एवं कीनिया इसके बाद महत्त्वपूर्ण स्थान रखते हैं। चीन ही अभी एकमात्र ऐसा देश है जो लगभग हर तरह की चाय का बड़े पैमाने पर औद्योगिक उत्पादन करता है।
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Malaria prevention and treatment of indigenous prescriptions

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 मलेरिया (Malaria) से बचने और इलाज के देशी उपचार




मलेरिया से बचाव और इलाज के 10 देसी उपचार और घरेलू उपाय:



मलेरिया के कारण हर साल कई लोग अपनी जान गंवा देते है, ये बीमारी गंदे पानी में पनपने वाले एनोफिलिज नाम की मादा मच्छर के काटने से फैलती है। मलेरिया का बुखार जिसे हम शीत ज्वर भी कहते है, ये चढ़ता और उतरता रहता है जो एक से दो हफ्ते तक रह सकता है। यदि आप को मलेरिया के लक्षण दिखाई दे रहे है तो तुरंत ब्लड टेस्ट करवाए और यदि टेस्ट रिपोर्ट में मलेरिया की पुष्टि हो जाये तब इसका उपचार शुरू करे।इस लेख में हम जानेंगे मलेरिया का इलाज घरेलू उपाय और आयुर्वेदिक नुस्खे से कैसे करे, इसके इलावा ये भी पढ़ेंगे की मलेरिया से बचने के क्या तरीके अपनाये।
मलेरिया बुखार तीन प्रकार का होता है। पहला जिसमे रोगी को तेज ठंड और शरीर में कपकपी होती है इसे हम कोल्ड मलेरिया कहते है। दूसरे प्रकार में रोगी को तेज बुखार, पसीना और उल्टी होती है जिसे हॉट मलेरिया कहते है और तीसरा प्रकार है स्वेट मलेरिया, इसमें मरीज को पसीना अधिक आता है।
मलेरिया के लक्षण – Malaria ke Lakshan
तेज बुखार आना
उल्टी होना
सिर दर्द, शरीर में दर्द होना
ठंड लगना, कपकपी होना
पसीना आना
मलेरिया बुखार में शरीर का तापमान 104 डिग्री से भी अधिक हो जाता है और इसके साथ जी घबराना, कमजोरी और रोजाना एक ही वक़्त बुखार का चढ़ना और उतरना मलेरिया के लक्षण है।


मलेरिया का इलाज के घरेलू उपाय और उपचार: 

1. थोड़ी सी फिटकरी लेकर उसे तवे पर भुन ले और चूर्ण बना ले। अब आधा चम्मच चूर्ण पानी के साथ ले, हर दो घंटे में ये उपाय करने पर बुखार से आराम मिलेगा।
2. एक ग्लास पानी में एक चम्मच शहद, आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर और एक चम्मच दालचीनी मिला कर गरम करे और ठंडा होने पर पिये। इस घरेलू उपाय से मलेरिया के बुखार के उपचार में काफी फायदा मिलेगा।
3. जिस समय बुखार ना हो उस समय आधा चम्मच काली मिर्च के पाउडर में 10 ग्राम तुलसी के पत्तों का रस मिला कर चाट ले। इस उपाय से बुखार आना रुक जाएगा।

4. गुनगुने पानी में नींबू का रस मिला कर पीने से भी बुखार कम हो जाता है।
5. चार पीसी हुई काली मिर्च 5 ml प्याज के रस में अच्छे से मिला कर रोजाना दो से तीन बार पिए।
6. चिरयता मलेरिया के उपचार में काफी असरदार आयुर्वेदिक औषधी है।  15 ग्राम चिरयता, थोड़ी दालचीनी और लौंग लेकर 250 ml गुनगुने पानी में मिलाए और इसका सेवन करे इस पानी के प्रयोग से मलेरिया का बुखार धीरे-धीरे उतरने लगेगा।
7. एक गिलास पानी में 10 ग्राम अदरक और 10 ग्राम मुनक्का डाल कर किसी साफ बर्तन मे उबाले और जब पानी आधा रह जाए तब इसे ठंडा कर के पिये।
8. बुखार तेज हो तो ठंडे पानी की पट्टियां माथे पर थोड़े-थोड़े देर मे रखे और तोलिये को ठंडे पानी से भिगो कर पूरे शरीर को पोंछे। इससे शरीर कातापमान कम होने लगेगा।
9. जामुन के पेड़ की छाल को सूखा ले और पीस कर इसका चूर्ण बना ले। इसे गुड के साथ 5 ग्राम चूरन दिन में दो से तीन बार लेने पर मलेरिया में आराम मिलता है।
10. मलेरिया होने पर तीन ग्राम चुना 70 ml पानी में अच्छे से घोल ले और इसमें थोडा नींबू निचोड़ कर पिये। हर रोज इस उपाय को करने से बुखार में आराम मिलेगा।

मलेरिया से बचने के सही उपाय: –
यदि आप अपने परिवार को डेंगू और मलेरिया जैसे रोगों से दूर रखना चाहते है तो सबसे ज़रूरी है की अपने घर को मच्छरों से दूर रखने के उपाय करे।
1. घर के अंदर और बाहर कहीं पानी इकठ्ठा ना होने दे। अगर घर के आस पास कहीं गढ़े है तो उन्हे मिट्टी से भर दे ताकि बारिश के समय इनमें पानी जमा न होने लगेगा।
2. किसी बर्तन में पानी रखे तो उसे ढक दे और जब भी बर्तन खाली करे उसे उल्टा करके रखे। हर रोज कूलर के पानी को बदलते रहे और जब आवश्यक ना हो तब पानी बहार निकाल कर किसी कपड़े से कूलर को सूखा दे।
3. मच्छरों को भगाने के लिए किसी कीटनाशक का छिड़काव घर में करवाये।
4. रात को मच्छरदानी में सोये या फिर सोने से पहले मच्छरों से बचने की कोई क्रीम लगाए।
5. अपने घर और ऑफिस के आसपास लोगो को मलेरिया से बचने के लिए जागरूक करे ताकि आस पास भी सफाई रहे।
यदिआपके मोहल्ले में अगर किसी को मलेरिया या फिर डेंगू बुखार हुआ हो तो तुरंत नगर निगम को इसके बारे में जानकारी दे तथा उन्हे अपने मोहल्ले में कीटनाशक के छिड़काव के लिए सलाह दे।
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High blood pressure hypertension symptoms and Ayurvedic prescriptions

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High blood pressure hypertension symptoms and Ayurvedic prescriptions

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Home Remedy for High Blood Pressure Treatment: - High BP Treatment
How to treat blood pressure: When there is excess pressure on sending blood to Naso in our body, it is called hypertension. High and low bp has become such a disease that once it is made, it becomes difficult to get rid of it. In this disease, the body's angles are damaged. Higher blood pressure increases the chance of heart attack, vein tearing and kidney damage. The patient of blood pressure should not do any such thing which increases heartbeat. The bad habit of eating food, mental stress and not sleeping properly are the main causes of this disease. We can treat this problem easily with some things used in the home. In this article we are telling Ayurvedic and domestic remedies for the treatment of high bp, by which you can control blood pressure without any medication.

 High Blood Pressure Symptoms:-

Headache and dizziness is one of the common symptoms of high blood pressure.Apart from this, feeling weak in the body and not feeling inclined towards any work is also a sign of high bp.



High Blood Pressure Treatment:-

1.) Eating watermelon and litchi in high blood pressure is beneficial.

2.) Take 1 teaspoon of pure honey in 1 teaspoon of onions and get relief of high blood pressure.

3.) Drink 25 grams of mulberry and in the morning in the evening to remove the weakness of the heart.

4.) Carrot marmalade meal is also beneficial.

5.) Take half a teaspoon of cinnamon powder with hot water in the morning. These medicine are a good home remedies for controlling blood pressure.

6.) Before bedtime, in a glass of hot water, soak half a teaspoon of fenugreek seeds, drink it in the morning, and Chew the fenugreek seeds. This recipe will reduce high blood pressure quickly.

7.) Drink gourd juice in an empty stomach in the morning and after that you will not eat anything for an hour. Gourd juice will also keep the heart healthy and also keep away from the diseases like cholesterol.


Ayurvedic Treatment for Improving High Blood Pressure:-

Cow urine is a miraculous medicine for high blood pressure. In the morning the stomach half cup of indigenous cow's urine drink blood pressure less or more, this remedy will be cured. Drinking cow urine daily provides relief in arthritis, asthma and diabetes.

Grill the gilloy, anola, Sarpagandha, Ashkhand and Arjuna-Taurus bark in equal proportions and make the chopsticks and take it in the evening in the evening with water.
Chopping of Sarpagandha 2 times a day - By taking two grams high blood pressure becomes normal.

One-gram dry coriander and Sarpagandha, grind it in two grams of mishri and drink it with water, it becomes high bp normal.

Home remedies for low blood pressure treatment:-

1.) The easiest and best remedy for low blood pressure is salt water. Drinking salt water twice a day provides relief.

2.) It is best to consume the jaggery in the problem of low blood pressure. Drink 20 to 25 grams jaggery in a glass of water and a little bit of salt and mix a little salt. This gharelu upay will become normal by doing 2 to 3 times a day.

3.) Put a little salt in the juice of pomegranate and drink it quickly. Apart from this sugarcane juice, pineapple juice and orange juice also benefit in correcting low blood pressure.

4.) In a glass of indigenous cow's milk, add a teaspoon of Ghee Ghee to the cow and it becomes cured.

Control blood pressure from yoga
Yoga helps normalize blood circulation in the body, thereby reducing the chance of heart attack.

By doing daily pranayama and meditation, mental stress is reduced and blood pressure remains in control.


In the pranayama, in the Anloam - Vellom and Yoga, the Sudhasan and the Shavasana.
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Thursday, November 8, 2018

What is Sciatica and its Reasons

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साइटिका दर्द क्या है इसके कारण



साइटिका दर्द क्या है और इसके कारण: 


साइटिका दर्द क्या होता है| यह किन कारणों से हो सकता ह, और यह कहां पर होता है| क्योंकि यह पीठ दर्द, घुटने दर्द या साइटिका दर्द लोगों में लगभग आज के समय में आम बीमारी बनी हुई है| और हर किसी को इस तरह की दिक्कत मिल जाएगी और उसके लिए वह बहुत पैसा खर्च कर देते हैं| और फिर भी उनका इलाज नहीं होता है, क्योंकि उन चीजों के बारे में उन्हें पूरी जानकारी नहीं होती है, इसलिए उनका इलाज सही से नहीं होता है| क्योंकि अगर हमें किसी भी तरह की दिक्कत है, उसके बारे में हमें पूरी जानकारी नहीं होगी तो हमारा इलाज होना बहुत ही कठिन हो जाता है. क्योंकि हम उस समस्या की जड़ तक नहीं पहुंच पाते हैं, इसलिए अगर वह ठीक हो भी जाती है तो कुछ समय बाद फिर से हो जाती है| अब मैं आपको साइटिका दर्द के कुछ ऐसे लक्षण और उसके कारण बताऊंगा, जिससे कारण साइटिका दर्द होता है| यह जानकारी आपके लिए बहुत उपयोगी साबित होगी| तो आप इस जानकारी को अच्छी तरह से और ध्यान से पढ़ें|

साइटिका क्या है:

शायद आपने साइटिका का नाम तो बहुत कम ही सुना होगा लेकिन यह एक आम समस्या होती है. क्योंकि साइटिका एक प्रकार का दर्द का नाम ही है. साइटिका उसे कहते हैं. जब किसी भी तरह का दर्द हमारी रीढ़ की हड्डी के निचले भाग से दर्द शुरू होकर हमारे कुल्हे से होकर पैर की तरफ से होता हुआ पैर की उंगलियों तक जाता है और उस दर्द को साइटिका कहते हैं. क्योंकि आज के समय में  एक आम समस्या बनी हुई है. बहुत से लोगों को दर्द को साइटिका होता है और उनको पता नहीं चलता है. कि यह क्या है. तो साइटिका दर्द के लक्षण क्या होते हैं. उनके बारे में मैं आपको नीचे बता रहा हूं|
साइटिका के लक्षण:

साइटिका का दर्द मुख्य रूप से ज्यादातर आपकी रीड की हड्डी के निचले हिस्से से  जहां पर रीड की हड्डी और कुल्हे की हड्डी का जोड़ होता है ज्यादातर यह दर्द वहां से शुरू होता है. और वहां से शुरु होकर यह कुल्हे के बीज से होते हुए जांघ और पैर में से होकर पैर की उंगलियों तक पहुंचता है ज्यादातर यह दर्द एक तरफ ही होता है. यानी कि एक ही पैर में ही है दर्द ज्यादातर देखा गया है. लेकिन बहुत कम लोगों को यह दर्द दोनों पैर में होता है. और जब आप बैठते हैं तो उस समय में यह दर्द बहुत ज्यादा हो जाता है|

इस दर्द मैं आपको जलन होने लगती है. या तो आपके पैर में जलन होगी या आपके कुल्ले में जलन होगी. और ज्यादातर लोगों के जब साइटिका दर्द होता है. तो उनके जिस पैर में यह दर्द है. उस पैर में कई बार सुन्न होने जैसी दिक्कत आ जाती है. या वह पैर कमजोर हो जाता है. और उसमें जब आप एकदम से उठकर चलते हैं. तो आपको दिक्कत होने लगती है. तो यह सबसे ज्यादा बढ़ा साइटिका दर्द का लक्षण है. क्योंकि आपके पैर में एकदम से जब यह दर्द होता है. तो आपको उठने बैठने में भी दिक्कत होती है|
साइटिका के कारण:
हमारे शरीर में यदि एक भी Degenerative Disc Dsease होता है उसके कारण भी साइटिका हो जाता है| और यह हमारे शरीर में स्पोंडिलोलिस्थीसिस के कारण भी हो सकता है| और ज्यादातर यह इसी के कारण ही होता है| और सबसे ज्यादा महिलाओं में साइटिका दर्द तब होता है, जब महिला गर्भवती होती है| ऐसा बहुत बार होता है, कि जब महिलाएं गर्भवती होती है तो उनको यह दर्द होता है| यह जब शिशु का जन्म होता है तो उसके बाद लगभग खत्म हो जाता है यह थोड़े दिन का ही होता है| ज्यादातर देखा गया है, कि जो लोग मोटे हैं उनमें साइटिका दर्द पाया जाता है| और यह दर्द मोटापे के कारण बहुत ज्यादा होता है क्योंकि उनका वजन बहुत ज्यादा होता है| जिसके कारण हमारे रीड की हड्डी पर जोर पड़ता है. और कई बार हमारे रीड की हड्डी में जब कोई चोट लग जाती है, जैसे कि मान लो अगर हमारा एक्सीडेंट हो गया है|
उसमें कई बार आपको चोट लग जाती है या आपको कोई ऐसी ही साधारण चोट लग गई है, तो भी आपको साइटिका का दर्द होने लगता है| इन सब कारणों से ही साइटिका का दर्द होता है| जब आप की रीड की हड्डी में किसी भी तरह की चोट है, तो आपको यह दर्द बहुत ज्यादा बार हो सकता है| और वैसे तो बहुत कम चांस है| अगर आपकी रीड की हड्डी में कैंसर है तो भी आपको यह दर्द होने लगता है| क्योंकि इसके चलते दबाव या कंप्रेशन होता है जिसके कारण यह दर्द होता है| यदि हम काफी ऊंचे जूते सैंडल पहनते हैं तो उसके कारण भी यह दर्द हमें होता है| उसमें तो यह सामान्य सी बात है क्योंकि उनके पैर का दबाव सही तरीके से समतल जगह पर नहीं रहता है| जिसका असर हमारे शरीर की मांसपेशियां पर जाती है और इसका सीधा असर हमारे रीड की हड्डी के और कूल्हे के जोड़ पर पड़ता है| जहां से यह दर्द पनपना शुरू हो जाता है| और जो लोग बहुत ही सॉफ्ट और बिल्कुल नरम गद्दे के ऊपर सोते हैं उन्हें भी साइटिका का दर्द लगभग सामान्य रूप से होना संभव है|
साइटिका का इलाज:

साइटिका दर्द का पता लगाने के लिए हमें डॉक्टर के पास जाकर हमारी बॉडी का एमआरआई स्कैन, सीटी स्कैन व एक्सरे करवाना चाहिए इससे  हमारे  दर्द के बारे में पूरी जानकारी हमें मिल जाएगी कि यह दर्द कहां से शुरू हुआ है| और कहां तक हो रहा है| और  Nerve Conduction Studies के द्वारा भी इस दर्द का पता लगाया जा सकता है| साइटिका दर्द से राहत पाने के लिए और इस दर्द को कम करने के लिए दवाइयों का इस्तेमाल कर सकते हैं| जैसे आइबूप्रोफेन, क्रोसिन ले सकते हैं| और ओरल स्टेरॉयड भी कई बार ले सकते हैं| क्योंकि यह जो मांसपेशियां का कंप्रेशन या दबा हुआ होता है,  उससे जो दर्द उत्पन्न होता है उसको कम करने में हमारी मदद करता है| फिजियोथेरेपी भी हमारी इस दर्द को कम करने में काफी मदद करते हैं| आखिर में सर्जरी की जाती है वैसे तो बहुत कम ही चांस होते हैं, कि साइटिका के दर्द के लिए किसी मरीज की सर्जरी की जाए लेकिन कई बार ज्यादा दिक्कत आ जाती है तो यह सर्जरी करनी पड़ती है| तो इस तरह से आप इस दर्द से राहत पा सकते हैं|
आज हमने आपको इस पोस्ट के माध्यम से एक बहुत ही महत्वपूर्ण और फायदेमंद जानकारी बताई है, यदि यह जानकारी अगर आप ध्यान से पढ़ते हैं तो निश्चय ही आपको इसका बहुत फायदा मिलेगा क्योंकि इस तरह कि यह दिक्कत आपके आसपास किसी भी व्यक्ति को हो सकती है या आपके घर में भी किसी को भी हो सकती है| आशा करते है कि आपको यह जानकारी पसंद आयी होगी|

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